शनिवार, 24 अगस्त 2013

पहाड़


तोडती हाड़
बढती महंगाई
जेसे पहाड़

वृक्ष ,पहाड़
प्रकृति के रक्षक
हम  भक्षक

राई प्रयास
असीम सफलता
पर्वत माला

प्रकृति रंग
पहाड़, वृक्ष संग
मिले उमंग

ऊँचा हो लक्ष्य
पहाड़ सा ह्रदय
विशाल मन


प्रकृति भक्ति
पहाड़ सी हो शक्ति
सहनशील

जय माता की
पहाड़ो में बसती
रौनक  लाती


करे तपस्या
ऊँची पवर्तमाला
ऋषि व मुनि


संजय जोशी "सजग '

15 टिप्‍पणियां:

  1. संजय भाई
    शुभ प्रभात

    ऊँचा हो लक्ष्य
    पहाड़ सा ह्रदय
    विशाल मन
    और
    वृस्तृत ह्रदय
    सादर

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  2. पहाड़ के विभिन्न पहलू प्रकाश में आये!
    अच्छी प्रस्तुति!

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  3. कल 26/08/2013 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद!

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  4. ऊँचा हो लक्ष्य
    पहाड़ सा ह्रदय
    विशाल मन
    अच्छी प्रस्तुति....

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  5. बहुत खूब , शब्दों की जीवंत भावनाएं... सुन्दर चित्रांकन
    कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
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