गुरुवार, 19 जून 2014

वाह रे प्याज

शूलिका -------
           वाह रे प्याज
  प्याज का कमाल है बड़ा धाँसू
 राजनीति में भी है घुसपेठ धाँसू
महंगे होतो सरकार बहाती है आंसू
भाव कम होतो किसान के बहते आंसू
बेचारे काटने वाले को भी देता आंसू
महंगे खाने वाले को भी आते आँसू
विपक्ष भी बहाता है घड़ियाली आँसू
सबका है चहेता सबको देता आंसू
                          ----------संजय जोशी 'सजग "------

10 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी लिखी रचना शनिवार 21 जून 2014 को लिंक की जाएगी...............
    http://nayi-purani-halchal.blogspot.in आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

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  2. bhaut -bhaut dhanyvad ---
    sis aap kidhr ho .......aajkl fb pr nhi aati ho to chinta hone lg jati hai ----tbiyt to thik hai n aapki

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  3. प्याज तो अच्छों अच्छों को रुला देता है सार्थक रचना

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