शुक्रवार, 27 सितंबर 2013

बापू का देश



बापू का  देश 


बापू हमारे देश में
नेता हे खादी के वेश में
प्रजातंत्र के रखवाले हे
देश इनके हवाले हे
किसान आत्म हत्या करता हे
शिक्षक काम के बोझ से मरता हे
जनता भूख से बदहाल हे
बापू देश का यह हाल हे
न्याय बहरा गुंगा हे
जनसेवको ने जनता को ठगा हे
जनतंत्र में भ्रष्टाचार हे
हर पत्र में यही समाचार हे
देश में संप्रादाएवाद एवं जातिवाद हे
क्षेत्रवाद एवं भाषावाद हे
आतंकवाद एवं नक्सलवाद हे
परिवारवाद एवं अवसरवाद हे
देश में कए बेईमान हे
फिर भी हमारा भारत महान हे
सड़को पर लगता जाम हे
यह समस्या आम हे
नाम के लिये हर कोई मरता हे
काम कोई नहीं करता हे
बापू आजाद भारत की यह कहानी हे
यह हिंदुस्तान जनता की जुबानी हे

संजय जोशी "सजग"

2 टिप्‍पणियां:

  1. इस कहानी में सकारात्मक मोड़ आये कोई, आपके लेखन से प्रेरित हो इस खातिर हमारी ओर से भी योगदान हो!
    शुभकामनाएं...

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