शनिवार, 24 अगस्त 2013

पहाड़

१
तोडती हाड़
बढती महंगाई
जेसे पहाड़
२
वृक्ष ,पहाड़
प्रकृति के रक्षक
हम  भक्षक
३
राई प्रयास
असीम सफलता
पर्वत माला
४
प्रकृति रंग
पहाड़, वृक्ष संग
मिले उमंग
५
ऊँचा हो लक्ष्य
पहाड़ सा ह्रदय
विशाल मन
६

प्रकृति भक्ति
पहाड़ सी हो शक्ति
सहनशील
७
जय माता की
पहाड़ो में बसती
रौनक  लाती

८
करे तपस्या
ऊँची पवर्तमाला
ऋषि व मुनि


संजय जोशी "सजग '

13 टिप्‍पणियां:

  1. संजय भाई
    शुभ प्रभात

    ऊँचा हो लक्ष्य
    पहाड़ सा ह्रदय
    विशाल मन
    और
    वृस्तृत ह्रदय
    सादर

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  2. पहाड़ के विभिन्न पहलू प्रकाश में आये!
    अच्छी प्रस्तुति!

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  3. ऊँचा हो लक्ष्य
    पहाड़ सा ह्रदय
    विशाल मन
    अच्छी प्रस्तुति....

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