मंगलवार, 21 मई 2013

+++++आत्मीयता +++++++

+++++आत्मीयता +++++++

जीवन को कई रंग और  देती आत्मीयता
भाव ,स्नेह ,अपनत्व घोलती आत्मीयता
सुखी जीवन की होती  है यह आधारशिला
सम्बधो को  बनाती  प्रगाढ़ आत्मीयता
  =======संजय जोशी 'सजग "

सोमवार, 20 मई 2013

पागल

कोई प्यार में है पागल
कोई धन कमने में पागल
यह दुनिया है अभूझ पहेली
कुछ अहम और स्वर्थ में पागल

== संजय जोशी "सजग "==

रविवार, 19 मई 2013

पिता

जीवन में सब सहता पिता
बच्चो को हर सुख देता पिता
मन से कोमल बाहर से कठोर
फिर भी समझ से परे रहता पिता

संजय जोशी 'सजग "

शनिवार, 18 मई 2013

टीस

हर खबर  रोज देती है  टीस
संस्कृति में भूचाल देती है टीस
आलम हर ओर भय और तनाव का
हर रिश्तो में स्वार्थ  देती है टीस

                                       संजय जोशी 'सजग "

प्रशंसा

प्रशंसा
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प्रथम रूप ---

प्रशंसा होती प्यारी
शक्ति देती न्यारी
सकारत्मक हो सच्ची
लगती है खूब अच्छी .
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द्वितीय रूप ...

प्रशंसा खूब खलती
जब चाटुकारिता चलती
नकारात्मकता हो जारी
समज के लिए बहुँत भारी
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संजय जोशी "सजग "
रखो समय का बंधन
होगा समय प्रबन्धन .
जीवन को देता आकार
आती क्षमता शक्ति अपार
==== संजय जोशी 'सजग "
प्रेम में जीवन होता समाहित
कोमल भवना भी होती समाहित
सबके अंतर मन में है होती निहित
ले जो आनन्द उसमे है समाहित

=== संजय जोशी "सजग "