शुक्रवार, 3 मई 2013

शूलिका--७२

शूलिका--७२

आता है जब नया वर्ष
छाता उत्साह और हर्ष
संकल्प तो बड़े लेते हम
कुछ भी नही निभाते हम
इच्छा शक्ति का है आभाव
विकृत संस्कृति का है प्रभाव
संकल्प का रखो हमेशा मान
तभी दिखेगी जीवन में शान

संजय जोशी "सजग "

शूलिका--७१

शूलिका--७१

हम सब पोलीथिन के है आदि
पर्यावरण की होरही है बर्बादी
मूक पशु की ले रही है जान
दुष्परिणाम का नही है भान
मुक्त हो सबको आये ज्ञान
मागे भगवान से यही वरदान

संजय जोशी "सजग "

शूलिका--७०

शूलिका--७०

कुर्सी से ऐसी
लगन लागी
चाहे कितने
हो दागी
टिकिट मिले
तो सहभागी
न मिले तो
हो जाते बागी

संजय जोशी "सजग "

शूलिका -६९

शूलिका -६९

आजकल हर मिडिया
का मुख्य समाचार
भ्रष्टाचार ,हत्या और बलात्कार
संस्कृति और साहित्य से
रह गया कम सरोकार

संजय जोशी "सजग "

शूलिका--६८

शूलिका--६८

देखकर झूठ
पकड़नेवली मशीन
नेता होगये
बेचारे गमगीन
नेता की यही कामना
कभी न हो सच का सामना

संजय जोशी "सजग "

शूलिका--६७

शूलिका--६७

जिसकी कोई
नही निति
याने है अनीति
वह है
राजनीती

संजय जोशी "" सजग ""

शूलिका--६६

शूलिका--६६

हमारा देश
है प्रगति की
और अग्रसर
परन्तु
विडम्बना है भारी
आज भी
बाल विवाह है जारी

संजय जोशी "सजग "