शुक्रवार, 3 मई 2013

शूलिका--६६

शूलिका--६६

हमारा देश
है प्रगति की
और अग्रसर
परन्तु
विडम्बना है भारी
आज भी
बाल विवाह है जारी

संजय जोशी "सजग "

शूलिका--६५

शूलिका--६५

वर्तमान में
उचित
अनुचित
के द्वन्द में
उचित ,
होता चित
और पराजित
अनुचित साध
लेता अपना हित

संजय जोशी "सजग "

शूलिका--६४

शूलिका--६४

जिसकी लाठी
उसकी भेंस
सबको लगती
भारी ठेस
हर दम सहता
पूरा देश

संजय जोशी "सजग "

शूलिका--६३

शूलिका--६३

मुख में राम
बगल में छूरी
इसके बिना
राजनीति अधूरी

संजय जोशी " सजग

शूलिका -६२

 शूलिका -६२


बेईमान
को मिलती
नही है सजा
जीवन का
लेता है मजा
सात पीढ़ी को
देता है धन से सजा

*** सजा के दो अलग -अलग अर्थ है 1.सजा ...दंड २. सवारना, सजाना

संजय जोशी " सजग "

शूलिका -६१

शूलिका -६१

आजकल
प्यार में
दिल से
नही होता
केवल बिल से

संजय जोशी "सजग "

बुधवार, 1 मई 2013

हमारा कर्म
श्रम का रखो धर्म
न रखो शर्म
                     संजय जोशी "सजग "